हिसाब

by: Saloni (on: Apr 25, 2019)
Category: Poem   Language: Hindi
tags: ज़िन्दगी
फुर्सत में करेंगे तुझसे
हिसाब ऐ ज़िन्दगी ,
कभी तो ख़ुद में सल्झाले है ,
ऐ ज़िन्दगी ,
कभी किसी का दिल रख़ा,
कभी उसका दिल रखा,
इस कशमकाश में भूल गए ,
मेरा दिल कहाँ रखा।
score: 9.30162
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Comments

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405 days ago
*हम तो हँसते हैं दूसरों को हँसाने के लिए*

*वरना ज़ख्म तो इतने हैं कि ठीक से रोया भी नहीं जाता*
 
 
405 days ago
Rating: 10
 
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