कोई भूल नहीं पाता और किसी को याद नहीं आती।

by: upendra Singh (on: Apr 28, 2019)
Category: Poem   Language: Hindi
tags: friends
“हमें न मोहब्बत मिली, न प्यार मिला,
हमको जो भी मिला बेवफा यार मिला,
अपनी तो बन गई तमाशा जिंदगी,
हर कोई अपने मकसद का तलबगार मिला.”
“गुनाह करके सज़ा से डरते हैं,
जहर पी के दवा से डरते हैं,
दुश्मनों के सितम का खौफ नहीं,
हम तो दोस्तों की वफ़ा से डरते हैं.”
उन्हें चाहना हमारी कमजोरी हैं,*
उनसे कह ना पाना हमारी मजबूरी हैं...
थोडा इश्क़ हमें भी कर लेने दो जनाब...
सब नेक बन गए तो गुनाह कौन करेगा..!!
साँस थम जाती है पर जान नहीं जाती;
दर्द होता है पर आवाज़ नहीं आती;
अजीब लोग हैं इस ज़माने में ऐ दोस्त;
कोई भूल नहीं पाता और किसी को याद नहीं आती।
score:
average:
Ratings:
 
« send to friends»
URL (link) to this writing. You can copy and paste this in your email to send to your contacts:
 
Not good
Ok
Excellent!