,,,,प्यार

by: sharu------ . (on: May 8, 2019)
Category: Poem   Language: Hindi
tags: RAJ......N.....SHARU
,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,प्यार ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

यह प्यार क्या होती है ?
क्यों होती है ?
क्या इंसान जी नहीं सकता
प्यार के बिना,,,,,,,?,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,शरू ,,,,,,,,,,५।१६
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सजी है संसार प्यार से नहीं इस दुनिया में
प्यार से कोई भी प्यारा
सच तो यह है कि प्यार के बिना
दुनिया में किसी का गुजारा नहीं होता ॥ ६।
।।।।।।।,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,राज ॥
६,२३
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2
मगर यह प्यार होती नहीं शाश्वत
कभी होती है आधी अधूरा
झेलना पड़ता है छोटा सा दिल को
बर्दाश्त करना पड़ता है दर्द बहुत ,,,,,,,,,,,,,,,,,शरू ५,२९
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यह तो सच कहा तुमने यार
कभी मुकम्मल नहीं होता है प्यार ।
अगर कभी खत्म हो जाए जहॉ प्यार
बस समझो वहाँ खत्म हो जाता है प्यार ॥
।।।।।।।।,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,राज ॥ ५,३५
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कितने भी उदाहरण है दुनिया में
दो प्यार करनेवालों को मिलने
नहीं दिया इस दुनिया वालों ने
फिर भी मिठा न सके प्यार को ,,,,,,,,,,,,,,,,शरू ५,३८
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हमेशा ऐसा भी नहीं है यार
ये दुनिया बिल्कुल बेजार नहीं है।
सभी प्यार करने वाले बिछड़ते नहीं
बहुत मिले भी हैं यारा करने वाले प्यार ॥
।।।।।।।।।,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,राज॥ ५,४७
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413 days ago
nice
 
 
413 days ago
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567 days ago
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567 days ago
Very well keep it up
 
 
567 days ago
Very well keep it up
 
 
567 days ago
Very well keep it up
 
 
567 days ago
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568 days ago
Pyar toh duniya mein hamesha rahega
 
 
568 days ago
बहुत अच्छी व खूबसूरत लाइन पढकर अच्छा लगा
 
 
568 days ago
Rating: 10
 
 
568 days ago
shukria......smile ji....vijay ji ..bali ji..jaswant ji
 
 
568 days ago
Nice one 👍
 
 
568 days ago
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568 days ago
So well written
 
 
568 days ago
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568 days ago
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568 days ago
tnq JASWANT ji
 
 
568 days ago
wonderful
 
 
568 days ago
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