,,,,आया है चुनाव ,,

by: sharu . (on: May 13, 2019)
Category: Poem   Language: Hindi
tags: RAJ......N.....SHARU
,,,,,,,,,,,,,,,,,,आया है चुनाव ,,,,,,,,,,,,,,,,,,
१.
आगया देखो चुनाव का मौसम
हो गया वादो का गर्म बाजार
निकल पड़े नेता जनता को लुभाने
लेकर झूटे सपनो की भरमार ॥
.........,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,..................राज ॥ ६.१२
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यार यह तो तुम ठीक ही कहा
लोगों को एक बार खरीद लिया
फिर पांच साल सो ओढ़ के सो लिया
यही तो होता आया है इतना साल ...........................शरू ,,६,२१
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२.
यही तो, झूटे वादो से अवाम का हालत बिगड़ रहा है
विकास के क्षेत्र में देश हमारा कब से पिछड़ रहा है ।
अमीर और अमीर और गरीब और गरीब हो रहा है
नेताओ का धन दौलत बहुत तेजी से बढ़ रहा है ॥
.........................................................................राज ॥ ६.२८
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आवाम तो बहुत आशा रखी थी
अब की बार तो कुछ होगा
गरीब की रिड की हड्डी को
मलम मिल जायेगी , मगर अफ़सोस .........................शरू ६.३५
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३,
जनता तो बेचारी इसी उम्मीद में वोट देती है
अच्छे दिन की तस्वीर आंखो में संजोती है ।
लेकिन नेता करते हैं हमेशा जनता के साथ धोखा
पूरी नहीं होती जरूरत मकान कपड़ा और रोटी का ॥
.............................................................................राज ॥६.४१
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अब करे तो क्या करे गरीब सुनता कौन
सत्ता बदलकर भी देखा उस बेचारा ने
अंजाम तो वही का वही रह गया
भारत का अच्छे दिन कब आएगा कोई न जाने .......? .......शरू ६ ४५
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...४
करना कुछ नहीं है जनता को बनना पड़ेगा होशियार
जो करे देश का विकास चुनना होगा ऐसी सरकार ।
जो रखे ख्याल देश के हर एक नागरिक का
ना करे जो धोखा अवाम से ना करे कोई भ्रष्ट्राचार ॥
.........,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,............राज ॥६.५३
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लोग भी तो हमारी देश की ऐसे ही हैं बेकार
चुनाव का मौसम आया थोड़ा शराब के लिए
थोड़े पैसों के लिए बेच देते हैं अपनी कीमती वोट
फिर पांच साल मर मर के जीते हैं सीके होंठ ......................शरू ६.५७
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ये तो आपने बहुत दुरुस्त फरमाया हुजूर
काफी हद तक जनता का भी है कुसूर ।
कहीं शराब कहीं कबाब और पैसे का लालच
कहीं जातिवाद से अच्छी सरकार सत्ता से है दूर ॥
.........,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,............,राज.७,०२
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सत्तर साल से ऊपर होगये आज़ादी को
फिर भी हम रह गए हैं वहीँ का वहीँ
हमारी देश कृषि प्रधान है ,कर रहे हैं
किसान तो हार मान कर आत्मा हत्या
खेत में अन्न नहीं उगेगा तो क्या खाएंगे ...? ..........................शरू ...७.०८
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६.
कुछ तो नेताओ के इच्छा शक्ति में कोई दम नहीं है
वर्ना एक मुल्क के विकास को सत्तर साल कम नहीं है ॥
वैसे देश विकास की और चल सकता है नहीं हुई है अभी देर
अच्छे नेताओ को चुनो अच्छे दिन आएंगे जरूर देर सबेर ॥
.......................................................................................राज॥७.१६
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नेता लोग ही सही नहीं हैं असल में
चुन के आते हैं झूठे वादा के सहारे
हर जगह में भ्रष्टाचार कनेवाले लोग
फिर कैसे होगी कब होगी देश का उद्धार ,,?,,,,,,,,......................शरू ७.२२
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७.
चाहे जो हो जनता की उम्मीद की रफ्तार अभी नहीं है थमी
वैसे देश में अच्छे लोग अच्छे नेताओं की भ नहीं है कोई कमी ।
बस जरूरत है सभी को एकजुट होकर करना होगा मतदान
फिर शायद ना हो किसी आँख में नमी हर चेहरे पर हो मुस्कान
.....................................................................................राज॥ ७.३०
हमें लगता है अच्छे लोग सब होगये ख़त्म
जो थे देश भक्त और जानते थे देश के नस
देश को चलाना जानते थे ,वोह लोग थे तजुर्बेदार
अब न रहा किसी पर भरोसा हर जगह भ्रष्टाचार .....................शरू ७.३५
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668 days ago
lovely
 
 
668 days ago
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726 days ago
Very good.
 
 
726 days ago
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729 days ago
TNX PRAVIN JI
 
 
730 days ago
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730 days ago
bahot badiya....
 
 
730 days ago
tnx MISHRA JI
 
 
730 days ago
So..So...Nice.....
 
 
730 days ago
Rating: 10
 
 
730 days ago
tnq all friends.......Kumar ji .R Pratap ji ,,Ramesh ji, Chopra ji,Vijay ji ,Sharma ji
 
 
730 days ago
nice 1
 
 
730 days ago
Rating: 10
 
 
730 days ago
Rating: 10
 
 
730 days ago
Very correct and sweet one
 
 
730 days ago
Superb
 
 
730 days ago
Rating: 10
 
 
730 days ago
Too good
 
 
730 days ago
Rating: 10
 
 
730 days ago
Rating: 9
 
 
730 days ago
rught and true lines
 
 
730 days ago
its really nice one
 
 
730 days ago
excellent
 
 
730 days ago
Rating: 10
 
 
730 days ago
So Nice of you dear friend.
 
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