पुराना ख़त....

by: 📒My Diary✍❤My Life✍ ✍.. (on: May 30, 2019)
Category: Other   Language: Hindi
tags: My Diary...✍✍
ख़ुशबू जैसे लोग मिले अफ़्साने में
एक पुराना ख़त खोला अनजाने में

शाम के साए बालिश्तों से नापे हैं
चाँद ने कितनी देर लगा दी आने में

रात गुज़रते शायद थोड़ा वक़्त लगे
धूप उन्डेलो थोड़ी सी पैमाने में

जाने किस का ज़िक्र है इस अफ़्साने में
दर्द मज़े लेता है जो दोहराने में

दिल पर दस्तक देने कौन आ निकला है
किस की आहट सुनता हूँ वीराने में

हम इस मोड़ से उठ कर अगले मोड़ चले
उन को शायद उम्र लगेगी आने में
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521 days ago
Very nice
 
 
521 days ago
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544 days ago
हम इस मोड़ से उठ कर अगले मोड़ चले
उन को शायद उम्र लगेगी आने में.!
Nice said.....
 
 
544 days ago
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545 days ago
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545 days ago
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546 days ago
Rating: 10
 
 
546 days ago
Bahut khoob
 
 
546 days ago
Rating: 10
 
 
547 days ago
Rating: 10
 
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