दोस्ती

by: Saloni (on: Jun 19, 2019)
Category: Poem   Language: Hindi
tags: मैं
ज़िन्दगी मेरी एक खुली किताब है ,
जैसे संभाली हुई पुरानी चीज़ होती है,
कभी पन्ने पलट कर देखो जरूर,
अपने मन की आँखों से देखो हजूर,
अल्फ़ाज़ वैसे के वैसे पाओगे जरूर
जैसे मैं कल थी ,
वैसे आज भी हूं,
और,
कल भी ऐसे ही रहूँगी,
अपकीं प्यारी दोस्त सलोनी
सलोनी
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