ज़िन्दगी का रंग

by: Saloni (on: Jun 29, 2019)
Category: Poem   Language: Hindi
tags: रंग
वो क्या ज़माना था,

कोई मेरा दीवाना था।

हम तुम एक थे,

बेहपना मोहब्बत करते थे।

न कोई दर्द था,

हम दोनों खुल कर हॅसते थे।

अब न कोई अहसास है,

न कोई गम है,

न कोई मन।

हम तुम एक नही रहे ,

न जाने कैसे है ज़िन्दगी का रंग ,

अब हम नही रहे तुम्हारे संग।

सलोनी
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