ये न समझ कि मैं भूल गया हूँ तुझे,

by: upendra Singh (on: Aug 10, 2019)
Category: Poem   Language: Hindi
tags: friends
पहली मोहब्बत मेरी हम जान न सके,
प्यार क्या होता है हम पहचान न सके,
हमने उन्हें दिल में बसा लिया इस कदर कि,
जब चाहा उन्हें दिल से निकाल न सके।
तेरी झील सी आँखों में डूब जाने का दिल चाहता है,
वफ़ा पर तेरी बर्बाद हो जाने का दिल चाहता है,
कोई सम्भाले हमे, बहक रहे हैं कदम,
तेरे इश्क में मर जाने का दिल चाहता है।
ये न समझ कि मैं भूल गया हूँ तुझे,
तेरी खुशबू मेरे सांसो में आज भी है,
मजबूरियों ने निभाने न दी मोहब्बत,
सच्चाई मेरी वफाओं में आज भी है।
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449 days ago
Beautiful lines
 
 
449 days ago
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475 days ago
Sach keh rahe ho dost
 
 
475 days ago
Rating: 10
 
 
475 days ago
Rating: 10
 
 
475 days ago
superb
 
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