क्या फर्क पड़ता है?

by: 📒My Diary✍❤My Life✍ ✍.. (on: Nov 7, 2019)
Category: Other   Language: Hindi
tags: My Diary
कोई सब कहे, कोई चुप रहे,
तो कोई छाँव, कोई धूप सहे,
कोई रहे न रहे,
क्या फर्क पड़ता है?

कोई खुद रोए, फिर भी हँसाए,
कोई हँसते-हँसते रो जाए,
चाहे वो रहे या खो जाए,
क्या फर्क पड़ता है?

कोई ख्वाब दिखाए, कोई लोरी गाए,
तो कोई गहरी नींद से जगाए,
कोई पास बुलाए, दूर भगाए,
क्या फर्क पड़ता है?

कोई प्यारा अपना बन जाए,
तो कोई हकीकत बस सपना बन जाए,
कोई कितना भी अपनापन दिखाए,
क्या फर्क पड़ता है?

कोई चाहे कितना भी अलग हो,
कोई समझ ही न पाए,
अगर आंटे के साथ घुन भी पीस जाए,
क्या फर्क पड़ता है?

दिए बुझ रहे हों हर पल के साथ,
बीत रहा हो आज, और कोई जिए कल के साथ,
फिर वो कल बीता हुआ हो, या आने वाला,
क्या फर्क पड़ता है?

मैं खुद ही ये न समझूँ,
बस यूँ ही कहता रहूँ,
कि, “क्या फर्क पड़ता है,
तो क्या फर्क पड़ता है?-
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380 days ago
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384 days ago
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386 days ago
कोई प्यारा अपना बन जाए,
तो कोई हकीकत बस सपना बन जाए,
कोई कितना भी अपनापन दिखाए,
.....फर्क पड़ता है....
 
 
386 days ago
क्या फर्क पड़ता है?
 
 
386 days ago
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