by: Saloni (on: Nov 11, 2019)
Category: Poem   Language: Hindi
tags: पहचान
हाँ एक पल आया ,
मायूसी सी भरी हुई थी मेरी ज़िन्दगी।

न जीने की इच्छा दिल में,
न कुछ करने की ख्वाइश ।

न अपनों का साथ ,
न कोई पहचान।

हाँ एक पल आया ,
आज ज़िन्दगी खूबसूरत लगने लगी,

दिल में तमन्ना जग गयी,

कुछ अछा करने की इच्छा जग गयी,

कुछ अच्छा लिखने की आग ,
दिल में जग गयी।

अब अपनों का साथ ,

और ,

मेरी पहचान।

score: 9.30162
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156 days ago
No comments because it's first half of love life, second half could be much more panic or shocking..
वक्त बदलते समय नही लगता, चाहे लाख सहेज कर रखो, वक्त बदल ही जाता है
156 days ago
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546 days ago
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