नारी

by: Saloni (on: Mar 7, 2020)
Category: Poem   Language: Hindi
tags: नारी
अब नहीं बेचारी नारी,
प्रीत से भरी नारी,
ममता की सूरत है नारी।

कौन कहता है की अबला
है नारी,
हर क्षेत्र में अव्वल
पुरुष के साथ पग-पग,
कंधा मिलाए है नारी।
समुद्र से आकाश,
थल से पहाड़ तक,
अपना संघर्ष दिखाया है,
अपने परिश्रम से,
ददेश को हर बार ऊपर उठाया है,
सलोनी के कलम से सारी नारियों को प्रणाम।
🌹🌹🌹
🌺🌺🌺
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120 days ago
मेरा ख्याल है नारी को किसी की बराबरी करने की जरूरत नही । she is itself institution.. उसके कंधे की बराबरी हम तो नही कर सकते। धन्यवाद
 
 
120 days ago
Rating: 10
 
 
123 days ago
Mamta ki surat nari
 
 
123 days ago
Very nice
 
 
123 days ago
Rating: 10
 
 
127 days ago
Anu
Nari na kabhi hari, na haregi. Bahot hi sundar, saloni ji
 
 
127 days ago
Anu
Rating: 10
 
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