स्त्री...लड़की

by: MAHI :-) don't like chat (on: Jun 12, 2020)
Category: Other   Language: Hindi
tags: Friends
सड़क पर जा रहे हो और अचानक सामने से कोई लड़की आती दिख जाए टाइट कपड़ों में तो उसके पूरे बदन का X- रे करने में देर नहीं लगती.

स्कूल कॉलेज में सीढ़ियों के नीचे खड़े होकर उतरती हुयी लड़कियों के स्कर्ट के भीतर ताकना, बस ट्रेन में किसी लड़की का अगर कोई अंग दिख जाए तो बगल वाले को कोहनी मार कर दिखाना .

डिस्को, पब में छोटे कपडे पहनी हुयी लड़की के वक्ष स्थल को घुरना और ऐसा दिखाना की कहीं और ध्यान है.
कहीं कुछ उठाते हुए किसी लड़की की कमर या पैंटी लाइन दिख जाने पर आहे भरना.

क्लीवेज से लेकर कमर,चेहरा,पीठ या पेट और गर्दन कुछ भी नज़र आ जाये या अगर नज़र ना भी आ रहा हो तो भी चीर देने वाली नज़रों से देखने की कोशिश करना.

ये सब तरीके है बिना कुछ बोले, बिना कुछ किये किसी भी लड़की को परेशान करने के और इन सब में सबसे बड़ी बात की आसानी से जवाब देकर निकल जाओ कि मेरा ध्यान कहीं और था या फिर दिख रहा था तो देख लिया कौनसा रेप कर दिया.

ये सब कारनामे सिर्फ सड़कछाप मजनुओं के नहीं बल्कि अधिकतम मर्दों के है. चाहे वो कितने भी प्रतिष्ठित घर का हो या कितने बड़े स्कूल कॉलेज का विद्यार्थी या फिर किसी बड़ी कंपनी में काम करने वाला या रास्ते पर सब्जी बेचने वाला. सब माहिर होते है आँखे सेकने की विद्या में.

कभी सोचा है की कितनी बेशर्मी से घूरते है हम लोग लड़कियों को ?

कभी सोचा है कि कितना घटिया होता है ये सब ?

क्या कभी सोचा है कि ये भी एक तरह की कुंठा है ?

कभी सोचा है कि इस तरह की हरकतें बताती है कि अन्दर से हम भी एक बलात्कारी है.

ज़रा खुद को रखकर देखिये उस लड़की की जगह जिसे हम घूरते है, जिसके बदन की एक झलक पाने को हम बेशर्मी की हदें पार करते है.

विशेष नोट - पोस्ट से आपत्ति वाले लोग कमेंट में हमें ज्ञान देने का कष्ट ना करें
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130 days ago
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136 days ago
Shukriya ap sab ka
 
 
136 days ago
Sach hai ye...
 
 
136 days ago
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136 days ago
very true and its fact
 
 
136 days ago
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136 days ago
Nice writing Mahiji........
 
 
136 days ago
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136 days ago
अच्छा लिखा हैं आपने, जरूर सोचनेवाली बात हैं ये... यहा सिर्फ आपको थोडा सही करना चाहता हू.... हर एक पुरुष को एक ही पलडे में मत तोलीये... I fully support your views, however dont use same yarsstick to measure all the men... nice reading ofcourse...
 
 
136 days ago
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