अकेलेपन का बल पहचान...... !

by: removed (on: Aug 5, 2020)
Category: Poem   Language: Hindi
tags: सुज्जू

अकेलेपन का बल पहचान
शब्द कहाँ जो तुझको टोके
हाथ कहाँ जो तुझको रोके
राह वही है, दिशा वही है, तू करे जिधर प्रस्थान
अकेलेपन का बल पहचान ।

जब तू चाहे तब मुसकाए,
जब चाहे तब अश्रु बहाए,
राग वही तू जिसमें गाना चाहे अपना गान ।
अकेलेपन का बल पहचान ।

तन-मन अपना, जीवन अपना,
अपना ही जीवन का सपना,
जहां और जब चाहे कर दे तू सब कुछ बलिदान ।
अकेलेपन का बल पहचान ।
score: 9.43918
average: 10.0
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Comments

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169 days ago
Ekla chalo re 🙋
 
 
169 days ago
Rating: 10
 
 
171 days ago
Bhut achha
 
 
174 days ago
अकेलेपन का बल पहचान
शब्द कहाँ जो तुझको टोके
हाथ कहाँ जो तुझको रोके
राह वही है, दिशा वही है, तू करे जिधर प्रस्थान
अकेलेपन का बल पहचान ।
......Nice......
 
 
174 days ago
Rating: 10
 
 
174 days ago
Very nice

तन-मन अपना, जीवन अपना,
अपना ही जीवन का सपना,
जहां और जब चाहे कर दे तू सब कुछ बलिदान ।
अकेलेपन का बल पहचान ।
 
 
174 days ago
VERY NICE SUJU
 
 
174 days ago
Rating: 10
 
 
174 days ago
Koi sathi le is safar mei ,sathi garima samjho. nahi rah payega uske bina,sathi ka bhi bal pahchan
 
 
174 days ago
Rating: 10
 
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