। मैं हिन्दी हूं ।।

by: upendra Singh (on: Sep 14, 2020)
Category: Poem   Language: Hindi
tags: Friends
*_मैं हिन्दी हूं ।।_*

*_हिंदी दिवस (१४ सितं.) पर विशेष_*

_मैं *सूरदास की दृष्टि* बनी_
_*तुलसी हित चिन्मय सृष्टि* _बनी_
_मैं *मीरा के पद की मिठास*_
*_रसखान के नैनों की उजास_*
_मैं हिन्दी हूं ।।_

_मैं *सूर्यकान्त की अनामिका*_
_मैं *पन्त की गुंजन पल्लव* हूं_
_मैं हूं *प्रसाद की कामायनी*_
_मैं ही *कबीरा की हूं बानी*_
_मैं हिन्दी हूं ।।_

_*खुसरो की इश्क मजाजी* हूं_
_मैं *घनानंद की हूं सुजान*_
_मैं ही *रसखान के रस की खान*_
_मैं ही *भारतेन्दु का रूप महान*_
_मैं हिन्दी हूं ।।_

_*हरिवंश की हूं मैं मधुशाला*_
_*ब्रज, अवधी, मगही की हाला*_
*_अज्ञेय मेरे हैं भग्नदूत_*
_*नागार्जुन की हूं युगधारा*_
_मैं हिन्दी हूं ।।_

_मैं *देव की मधुरिम रस विलास*_
_मैं *महादेवी की विरह प्यास*_
_मैं ही *सुभद्रा का ओज गीत*_
_*भारत के कण-कण में है वास*_
_मैं हिन्दी हूं ।।_

_मैं *विश्व पटल पर मान्य बनी*_
_मैं *जगद्गुरु अभिज्ञान* बनी_
_मैं *भारत मां की प्राणवायु*_
_मैं *आर्यावर्त अभिधान* बनी_
_मैं हिन्दी हूं।।_

_मैं *आन बान और शान बनूं*_
_मैं *राष्ट्र का गौरव मान बनूं*_
_यह दो *तुम मुझको वचन आज*_
_मैं *तुम सबकी पहचान बनूं*_
_मैं हिन्दी हूं।।_

*_हिन्दी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं_...*
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26 days ago
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